हम उसी भारत के वासी है...


हम उसी भारत के वासी है...

जिसने जन्म दिया पुरे भारतवर्ष को एक छत्र के नीचे लाने वाले योध्दा चंद्रगुप्त मौर्य को,
जन्मे थे जहाँ मानवधर्म की स्थापना करणे वाले महामानव गौतम बुध्द...
     हा हम उसी भारत के वासी हैl

कहते थे लोग कभी जहाँ बेहती थी दूध कि नदिया,
कहते थे जिसे सोने की चिडियाँ...
    हा हम उसी भारत के वासी हैl

तीनों और से जिसके कदम चुँमता सागर है,
कश्मीरने जिसपर ओढा सुंदरता का घुँगट है...
    हा हम उसी भारत के वासी हैl

सब मजहबों को जिसने अपने आप में समा लिया है,
जो सहिष्णुता का आदर्शवत उदाहरण है...
    हा हम उसी भारत के वासी हैl

२१वी सदी की चौकट पे खडा होकर भी जो अपनी परंपरा को नही भुँला है,
दुनियाँ मे जिसकी संस्कृती की एक अलगसी पहचान है...
    हा हम उसी भारत के वासी हैl

जहाँ धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद, सार्वभौमता, न्याय, समानता, बंधुत्वभाव हाँथ मे हाँथ डालकर चलते है,
दुनियाँ का सबसे बडा लोकतंत्र जिसकी पहचान है..
     हा हम उसी भारत के वासी हैl
                                     
-शिवाजी पाटिल

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